देवरी

नगर के विभिन्न वार्डों में वर्षों से खड़े क्षतिग्रस्त और जर्जर मकान बारिश के मौसम में हादसों को न्योता दे रहे हैं। इन भवनों के आसपास प्रतिदिन छोटे बच्चे खेलते हैं, बुजुर्ग बैठते हैं तथा आवारा पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है। ऐसे में किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका से स्थानीय लोग चिंतित हैं।

वार्डवासियों का कहना है कि खतरनाक भवनों की सूचना वार्ड प्रभारी और नगरपालिका को कई बार दी जा चुकी है। कुछ स्थानों पर केवल नोटिस चस्पा कर औपचारिकता निभा दी गई, लेकिन जर्जर भवनों को हटाने की दिशा में अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।

जनता का सवाल...

क्या नगरपालिका किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रही है?

यदि मकान गिरने से जनहानि होती है, तो जिम्मेदारी किसकी होगी?

क्या बारिश खत्म होने के बाद होगी कार्रवाई?

नगरवासियों की मांग है कि नगर के सभी जर्जर भवनों का तत्काल सर्वे कराया जाए, उन्हें चिन्हित कर सुरक्षित तरीके से ध्वस्त किया जाए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से पहले लोगों की जान बचाई जा सके।

"हादसे के बाद नहीं, हादसे से पहले कार्रवाई जरूरी है।"